नई दिल्ली/डेस्क: दुनिया भर में जब एक ओर ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था तनाव में है, ऐसे कठिन समय में भारत ने अपनी “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना का परिचय दिया है। भारत सरकार ने मानवीय पहल करते हुए अफ्रीकी देश मलावी (Malawi) की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
सूखे की मार झेल रहा है मलावी
अफ्रीकी देश मलावी वर्तमान में ‘एल नीनो’ (El Niño) के प्रभाव के कारण इतिहास के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहा है। यहाँ फसलों की भारी बर्बादी हुई है, जिसके कारण लाखों लोगों के सामने भोजन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों में कुपोषण का खतरा बढ़ता जा रहा है।
भारत बना ‘अन्नदाता’
इस मानवीय संकट को देखते हुए भारत ने 1000 मीट्रिक टन चावल की खेप मलावी भेजी है। शिपमेंट पर स्पष्ट संदेश लिखा गया है: “भारत के लोगों और सरकार की ओर से उपहार” (Gift from the People and Government of the Republic of India)
मुख्य बिंदु:
मदद की मात्रा: 1000 मीट्रिक टन उच्च गुणवत्ता वाला चावल।
संकट का कारण: एल नीनो के कारण मलावी में पड़ा भीषण सूखा।
भारत का स्टैंड: वैश्विक युद्ध के माहौल के बीच भी शांति और मानवीय सहायता को प्राथमिकता।
सोशल मीडिया पर भी भारत की इस पहल की जमकर तारीफ हो रही है। जानकारों का मानना है कि ऐसे समय में जब दुनिया गुटों में बंटी नजर आ रही है, भारत का यह कदम वैश्विक खाद्य सुरक्षा (Food Security) की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश है।














