प्रदेश के कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा आज जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम नर्राटोला में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज द्वारा आयोजित शहीद गैंदसिंह नायक शहादत दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय हल्बा, हल्बी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक मंतूराम पवार ने किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में डौण्डीलोहारा विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनिला भेड़िया, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, पूर्व विधायक जनक ठाकुर एवं श्री डोमेन्द्र भेड़िया, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवलाल ठाकुर, हल्बा, हल्बी समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जीआर राणा, अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष आरएस नायक, सेवा निवृत्त आईएएस बीएल ठाकुर एवं जीआर चुरेन्द्र, सेवा निवृत्त आईपीएस जेआर ठाकुर, डाॅ. जितेन्द्र मीणा सहित अन्य अतिथि एवं समाज प्रमुखगण उपस्थित थे।

इस अवसर पर मंत्री वर्मा ने आदिवासी समाज के गौरवशाली विरासत के अलावा शहीद गैंदसिंह नायक के अदम्य वीरता के साहस एवं पराक्रम के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व के संबंध में भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अमर शहीद गैंदसिंह नायक ने अंग्रेजी हुकुमत के दमन एवं क्रूरता का प्रतिकार करने हेतु आदिवासी समाज को संगठित कर सन् 1824 एवं 1825 में अंग्रेजों के विरूद्ध क्रांति का शंखनाद किया था। इस तरह से शहीद गैंदसिंह नायक के नेतृत्व में आदिवासी समाज के द्वारा 1857 के क्रांति के पूर्व मध्य भारत के सघन आरण्य छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम क्रांति के लौ को प्रज्ज्वलित की थी। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकुमत के द्वारा 20 जनवरी 1825 को शहीद गैंदसिंह नायक को सरेआम फासी दे दी गई थी। इस तरह से देश के आजादी के क्रांति का सर्वप्रथम बिगुल फुंकने का कार्य आदिवासी समाज के महापुरूषों एवं जननायकों द्वारा प्रारंभ किया गया था।
वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले केन्द्र सरकार एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा जनजातीय समाज के हितो की रक्षा के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा बस्तर के सुदर अंचलों में शिक्षा की बेहतर व्यवस्था के अलावा सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, शुद्ध पेयजल आदि बुनियादी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि ’हम न केवल आदिवासियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करेंगे वरन उनके गौरवशाली विरासत एवं संस्कृति को भी वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य करेंगे।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा सन् 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी उसी तर्ज पर 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।













