संवादाता-संदीप साहू
गुरुर
छत्तीसगढ़ के साहू समाज ने प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह निर्णय समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची, दिखावे और संस्कारहीन परंपराओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है। समाज के पदाधिकारियों का मानना है कि प्री-वेडिंग शूट जैसी परंपराएं हमारी मूल संस्कृति और संस्कारों को नुकसान पहुंचा रही हैं।
इस फैसले के तहत, अब साहू समाज में प्री-वेडिंग शूट करना पूरी तरह से वर्जित होगा। समाज के लोगों से अपील की गई है कि वे शादी-विवाह को सादा और मर्यादित तरीके से संपन्न करें और फिजूलखर्ची से बचें। इसके अलावा, समाज के बच्चों और युवाओं के लिए संस्कार शिविर आयोजित कर अपनी परंपराओं से जुड़े रहने की सीख दी जाएगी।
इस फैसले का उद्देश्य समाज को सादगी और संस्कारों की ओर लौटाना है। छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और इसे समाज के लिए एक अच्छा कदम बताया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि प्री-वेडिंग शूट एक सामाजिक कुरीति का रूप ले चुका है और इससे हमारी पारंपरिक संस्कृति को नुकसान पहुंच रहा है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने इस फैसले को समाज के हित में एक बड़ा कदम बताया है।
समाज के पदाधिकारी प्री-वेडिंग शूट के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाएंगे।
इस फैसले को समाज के लिए एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।













