Sachkaaina

Home / वन विभाग / टाइगर रिजर्व में बढ़ी हलचल: उदंती-सीतानदी के 143 बीट्स में गूंजी बाघों की दहाड़, वन विभाग का मेगा सर्वे शुरू

टाइगर रिजर्व में बढ़ी हलचल: उदंती-सीतानदी के 143 बीट्स में गूंजी बाघों की दहाड़, वन विभाग का मेगा सर्वे शुरू

गरियाबंद/धमतरी:

छत्तीसगढ़ के वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) के जंगलों में एक बार फिर बाघों की मौजूदगी के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। विभागीय कैमरों में बाघों की चहलकदमी कैद होने के बाद अब पूरे रिजर्व क्षेत्र में व्यापक स्तर पर गणना और सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है।

पहली बार 143 बीट्स में एक साथ सर्वे

वन विभाग के इतिहास में यह पहली बार है जब उदंती-सीतानदी के सभी 143 बीट्स में एक साथ बाघों की गणना का कार्य किया जा रहा है। पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और दुर्गम रास्तों के कारण विभाग केवल 50% हिस्से तक ही पहुंच पाता था, लेकिन अब सुरक्षा और तकनीक के बेहतर तालमेल से पूरे कोर और बफर जोन की निगरानी की जा रही है।

प्रमुख बिंदु: क्यों खास है यह खबर?

  • लगातार मौजूदगी: पिछले 9 महीनों में इस क्षेत्र में कम से कम 3 अलग-अलग बाघों की मूवमेंट रिकॉर्ड की गई है।

  • टाइगर कॉरिडोर का पुनरुद्धार: विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र के ताडोबा और मध्य प्रदेश के जंगलों से आने वाले बाघों के लिए यह ‘नेचुरल कॉरिडोर’ फिर से सक्रिय हो गया है।

  • सुरक्षित आवास: गरियाबंद और धमतरी के सीमावर्ती इलाकों में शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ने से बाघों को पर्याप्त शिकार और अनुकूल माहौल मिल रहा है।

दो मादा बाघों को लाने की तैयारी

वन मंत्री केदार कश्यप और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में जो बाघ देखे गए हैं वे नर बाघ हैं। इन्हें इस इलाके में स्थायी रूप से बसाने और कुनबा बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व से दो मादा बाघों को यहां लाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए NTCA (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) से अनुमति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

विशेषज्ञों की राय

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि बाघों की यह वापसी केवल पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन के लिए भी सुखद संकेत है। उदंती-सीतानदी के घने जंगलों में बाघों का होना यह साबित करता है कि यहां का इकोसिस्टम अब फिर से पुनर्जीवित हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!