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ऐतिहासिक ‘सेवा तीर्थ’ से नए भारत का उदय: पीएम मोदी ने पहले ही दिन लिए 4 बड़े जनहितैषी फैसले

भारत के प्रशासनिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटिश काल के ‘साउथ ब्लॉक’ को छोड़कर नए अत्याधुनिक परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में अपना कार्यभार संभाल लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का यह नया पता न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस है, बल्कि ‘सेवा’ और ‘कर्तव्य’ की भारतीय भावनाओं को भी समर्पित है।

प्रधानमंत्री ने नए कार्यालय में प्रवेश करते ही सबसे पहले देश के गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए।

नए कार्यालय से 4 बड़े फैसले:

  1. PM राहत योजना (कैशलेस इलाज): सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों के लिए केंद्र सरकार ने PM RAHAT (Road Accident Victims Hospitalisation and Assured Treatment) योजना की घोषणा की है। इसके तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, ताकि ‘गोल्डन ऑवर’ में पैसों की कमी के कारण किसी की जान न जाए।

  2. लखपति दीदी का लक्ष्य दोगुना: सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य समय से पहले ही हासिल कर लिया है। अब प्रधानमंत्री ने इस लक्ष्य को दोगुना करते हुए मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया संकल्प लिया है।

  3. किसानों के लिए बड़ा बजट: कृषि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ‘एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड’ को 1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे कोल्ड स्टोरेज और सप्लाई चेन जैसी सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

  4. युवाओं और स्टार्टअप्स को पंख: देश के इनोवेशन इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को मंजूरी दी है। इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का कोष आवंटित किया गया है, जो विशेष रूप से डीप-टेक और शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स की मदद करेगा।

औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति

उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक गुलामी की मानसिकता के प्रतीक थे, जबकि ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब हैं। अब पीएमओ, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय एक ही छत के नीचे होंगे, जिससे सरकारी कामकाज में अधिक पारदर्शिता और गति आएगी।

मुख्य आकर्षण:

  • नया नाम: साउथ ब्लॉक अब ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा।

  • आदर्श वाक्य: परिसर की दीवारों पर ‘नागरिक देवो भव’ अंकित है।

  • ग्रीन बिल्डिंग: यह परिसर 4-स्टार GRIHA मानकों पर आधारित एक इको-फ्रेंडली इमारत है।

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