बालोद: जिले के डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम बोरगांव में एक मतांतरित परिवार के युवक की मौत के पश्चात शव को दूसरे गांव में दफन करने के मामले को लेकर हुए हंगामे को देखते हुए स्थानीय शासन प्रशासन और विश्व हिन्दू परिषद संगठन ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से बैठक कर मामले को सुलझाया।
मिली जानकारी अनुसार डौंडी थाना क्षेत्र के ग्राम बोरगांव के धर्म परिवर्तन कर चुके बहुर सिंह मंडावी के 45 वर्षीय पुत्र संतोष मंडावी की बुधवार को मृत्यु के बाद बिना किसी गांव के जनप्रतिनिधियों को जानकारी दिए, दूसरे ग्राम भीमाटोला में स्थित अपनी निजी जमीन पर बुधवार को ही शव को दफन कर दिया।
गुरुवार की सुबह ग्राम भीमाटोला के ग्रामीणों को इस प्रकार से बोर गांव निवासी बहुर सिंह के द्वारा अपने गांव की जगह उनके गांव की सरहद में शव को दफन कर देने की जानकारी होते ही माहौल गर्म हो गया और सभी ग्रामीण दफन की गई जगह पर पहुंचे और मृतक के पिता को बुलाकर पूछा गया तो मृतक के पिता ने अपनी जगह पर दफन करने की बात कही। जिसके बाद इसकी जानकारी शासन प्रशासन को होते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम पंचायत बोरगांव के पंचायत कार्यालय में इसी मामले को लेकर तहसीलदार, डौंडी और राजहरा थाना प्रभारी सहित दोनों गांव के सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मतांतरित परिवार की बैठक हुई।
दोनों गांव के ग्रामीणों के समक्ष मतांतरित परिवार ने बैठक में बिना किसी को जानकारी दिए शव को दफन करने, ग्रामीण रीति रिवाजों की अवहेलना और परंपरा अनुरूप कार्य नहीं करने की गलती को स्वीकार करते हुए मूल हिंदू धर्म और अपनी मूल संस्कृति में वापसी करने और ग्रामीण रीति रिवाज और धर्म संस्कृति को मानने की बात कहने और ग्राम भीमाटोला के शीतला मंदिर में पूजा अर्चना कर क्षमायाचना करने मतांतरित परिवार के रवाना होने पर इस पूरे मामले का पटाक्षेप हुआ
बालोद जिला में विहिप संगठन के द्वारा इस मामले पर लगातार जागरण सामाजिक पदाधिकारियों ग्रामीणों से लगातार संपर्क करने से जिले के अंदर सनातन धर्म को लेकर लोगों में आगे आने का पहल प्रारंभ हुआ है। और जिले के हीरापुर,सनौद,जेवरतला,मुजगहन,बघमारा जैसे अन्य गांवों में मतांतरित लोगों के शव दफन को लेकर जागरूकता आया है। लोग हिंदू भूमि में दूसरे धर्म के लोगों के अंतिम संस्कार के क्रिया पर आपत्ति करने आगे आए हैं।
बता दें कि इस प्रकार से मतांतरित युवक के शव को चोरी छुपे दफन करने की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ग्राम भीमाटोला पहुंचे और मामले की जानकारी ली, जिसके बाद ग्राम पंचायत बोरगांव में आयोजित बैठक में मतांतरित परिवार के घर वापसी पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए ग्राम बोरगांव और भीमाटोला के ग्रामीणों को बधाई दी और बालोद जिले में धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और आपसी भाई चारे को खत्म करने वालों के मुंह पर इसे एक करारा तमाचा बताया।
इस मामले को लेकर प्रमुख रूप से जनपद सदस्य शिवप्रसाद बारला, भीमाटोला के ग्राम पटेल उदय राम, सरपंच ग्राम पंचायत बोरगांव देवकी बाई, उपसरपंच जनक मरकाम, जीत राम, गुलाब कुमार, गीता तिवारी, सुशीला मंडावी सहित सैकड़ों ग्रामीण बैठक में उपस्थित रहे।
जिला अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद बालोद बलराम गुप्ता ने इस मामले पर कहा कि ग्रामीणों का विरोध जायज है। हिंदू भूमि पर दूसरे धर्म के लोगों को अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं मिलना चाहिए। ईसाई मिशनरियों के लोग भोले भाले लोगों का मतांतरण व धर्मांतरण कर हिंदू धर्म को कमजोर करने की साजिश तो कर रहे हैं। लेकिन मतांतरण के बाद ऐसे परिवारों को दुःख के समय में अकेला छोड़ दे रहे हैं। मतांतरित परिवार का हिंदू धर्म में स्वागत है। उन्होंने अपनी मूल संस्कृति व धार्मिक मान्यताओं पर पुनः विश्वास जताया है। यही सत्य सनातन धर्म हैं।