जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद ने एक बार फिर संवेदनशीलता, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्राधिकरण की सक्रिय पहल से पुरूर बस स्टैंड क्षेत्र में कई दिनों से दयनीय अवस्था में रह रहे एक विक्षिप्त व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सा एवं संरक्षण उपलब्ध कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव भारती कुलदीप को सूचना मिली थी कि पुरूर बस स्टैंड परिसर में एक विक्षिप्त व्यक्ति लंबे समय से असहाय अवस्था में रह रहा है। उसकी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति अत्यंत गंभीर थी तथा उसके पास न तो सुरक्षित रहने की व्यवस्था थी और न ही उपचार की कोई सुविधा उपलब्ध थी।
सूचना मिलते ही सचिव भारती कुलदीप ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद से संपर्क स्थापित किया। उनके मार्गदर्शन में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जिससे जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इसके पश्चात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम द्वारा उक्त व्यक्ति को सुरक्षित रूप से गुरूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक उपचार प्रदान किया। चिकित्सकीय जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वह व्यक्ति लंबे समय से शारीरिक और मानसिक पीड़ा से जूझ रहा है तथा उसे नियमित चिकित्सकीय देखरेख की आवश्यकता है।
चिकित्सकों की सलाह के अनुसार बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उस व्यक्ति को शासकीय जिला चिकित्सालय बालोद रेफर किया गया, जहां उसके समुचित और निरंतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।













