नई दिल्ली: भारत सरकार के केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देशभर के रेस्टोरेंट्स और होटलों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है। CCPA ने स्पष्ट किया है कि खाने के बिल में अपने आप ‘सर्विस चार्ज’ (Service Charge) जोड़ना उपभोक्ता कानून का उल्लंघन है और इसे ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ (Unfair Trade Practice) घोषित किया गया है।
प्रमुख कार्यवाही और जुर्माना
ताजा जानकारी के अनुसार, CCPA ने देशभर के 27 बड़े रेस्टोरेंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इन प्रतिष्ठानों पर उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने वाले रेस्टोरेंट्स पर ₹50,000 तक का जुर्माना लगाया गया है।
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रिफंड का आदेश: प्राधिकरण ने रेस्टोरेंट्स को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों से वसूला गया सर्विस चार्ज वापस (Refund) करें।
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बिलिंग सिस्टम में बदलाव: सभी रेस्टोरेंट्स को अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर और सिस्टम को तुरंत संशोधित करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
यह पूरी कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के 28 मार्च 2025 के उस फैसले के बाद और तेज हुई है, जिसमें कोर्ट ने CCPA की गाइडलाइंस को बरकरार रखा था। कोर्ट ने माना कि:
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रेस्टोरेंट्स द्वारा जबरन सर्विस चार्ज वसूलना कानून के खिलाफ है।
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CCPA को इन नियमों को सख्ती से लागू करने और दंड देने का पूरा अधिकार है।

CCPA की नई गाइडलाइंस के मुख्य बिंदु
4 जुलाई 2022 को जारी और अब कोर्ट द्वारा मान्य की गई गाइडलाइंस के अनुसार:
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ऑटोमैटिक बिलिंग पर रोक: कोई भी होटल या रेस्टोरेंट फूड बिल में अपने आप सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता।
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नाम बदलकर वसूली नहीं: सर्विस चार्ज को किसी भी अन्य नाम से वसूलना प्रतिबंधित है।
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पूरी तरह स्वैच्छिक: ग्राहकों को स्पष्ट रूप से सूचित किया जाना चाहिए कि सर्विस चार्ज देना पूरी तरह स्वैच्छिक (Voluntary) और वैकल्पिक है।
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प्रवेश पर रोक नहीं: सर्विस चार्ज न देने के आधार पर किसी भी ग्राहक को रेस्टोरेंट में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता।
ग्राहक क्या करें?
यह कार्रवाई नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर मिली हजारों शिकायतों और ग्राहकों द्वारा पेश किए गए बिलों के आधार पर की गई है। यदि कोई रेस्टोरेंट आपसे जबरन सर्विस चार्ज मांगता है, तो:
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आप उसे बिल से हटाने के लिए कह सकते हैं।
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आप 1915 पर कॉल करके या कंज्यूमर ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
Ministry of Consumer Affairs, Food & Public Distribution
https://www.pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=1839133®=3&lang=2










