देश में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़ों और ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के बाद का पहला घंटा) में इलाज की कमी से होने वाली मौतों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में ‘PM RAHAT’ (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) योजना की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई।
इस बैठक में छत्तीसगढ़ के परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी शामिल हुए। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस योजना को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
क्या है PM RAHAT योजना?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसे के पीड़ितों को बिना किसी वित्तीय बाधा के तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। अक्सर देखा गया है कि पैसे की कमी या कागजी कार्रवाई के चक्कर में घायल को सही समय पर इलाज नहीं मिल पाता, जिससे उसकी जान चली जाती है। अब सरकार इस जिम्मेदारी को अपने हाथ में ले रही है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
₹1.50 लाख तक का मुफ्त इलाज: हादसे का शिकार हुए व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने पर अधिकतम ₹1.50 लाख तक का कैशलेस उपचार मिलेगा।
7 दिनों की समय सीमा: यह लाभ दुर्घटना की तिथि से लेकर अगले 7 दिनों तक के इलाज के लिए मान्य होगा।
गोल्डन ऑवर पर फोकस: योजना का मुख्य लक्ष्य ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान पीड़ित को नजदीकी सूचीबद्ध (Empanelled) अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाना है।
सभी सड़कों पर लागू: यह योजना केवल नेशनल हाईवे ही नहीं, बल्कि राज्य के राजमार्गों और शहरी व ग्रामीण सड़कों पर होने वाले हादसों पर भी लागू होगी।
कैसे काम करेगी यह व्यवस्था?
हेल्पलाइन 112: दुर्घटना होने पर पीड़ित या कोई भी मददगार (राह-वीर) 112 नंबर पर कॉल कर सकता है। इसके जरिए नजदीकी अस्पताल और एम्बुलेंस की जानकारी तुरंत मिल जाएगी।
पुलिस सूचना: हादसे की जानकारी 24 घंटे के भीतर पुलिस को देना अनिवार्य होगा, ताकि सिस्टम में डेटा अपडेट हो सके।
डिजिटल एकीकरण: इस योजना को eDAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट) और आयुष्मान भारत के TMS 2.0 पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे अस्पतालों को भुगतान में कोई देरी नहीं होगी।
अस्पतालों को भी राहत
योजना के तहत अस्पतालों को उनके खर्च का भुगतान मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) से किया जाएगा। यदि गाड़ी का इंश्योरेंस है, तो पैसा इंश्योरेंस कंपनी देगी, और यदि मामला ‘हिट एंड रन’ का है या गाड़ी का बीमा नहीं है, तो सरकार सीधे भुगतान करेगी। दावों का निपटारा मात्र 10 दिनों के भीतर किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ की स्थिति
छत्तीसगढ़ में हर दिन औसतन 40 सड़क हादसे होते हैं। राज्य के परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इस योजना से राज्य में सड़क दुर्घटना मृत्यु दर में भारी कमी आएगी। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी प्रमुख अस्पतालों को इस पोर्टल से जल्द से जल्द जोड़ा जाए ताकि जनता को इसका सीधा लाभ मिले।
संपादकीय नोट: यह योजना आम नागरिकों के लिए जीवनदान साबित हो सकती है। इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साझा करें ताकि संकट के समय किसी की जान बचाई जा सके।