भारतीय रेलवे ने रेल यात्रा को अधिक पारदर्शी बनाने और टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए रिफंड और कैंसिलेशन नियमों में ऐतिहासिक बदलाव का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग चरणों (Phases) में पूरे देश में लागू किए जाएंगे।
इन बदलावों का सबसे बड़ा असर ‘लास्ट मिनट’ पर टिकट कैंसिल करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कि रेलवे के नए ‘रिफंड गणित’ में क्या बदलाव हुए हैं:
1. 15 अप्रैल तक फेज-वाइज लागू होंगे नियम
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा और सिस्टम अपडेट को देखते हुए इसे एक साथ नहीं, बल्कि 15 दिनों के भीतर अलग-अलग रेल जोन में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को नए नियमों के प्रति जागरूक होने का समय देना है।
2. नया रिफंड चार्ट: कब कटेगा कितना पैसा?
नए नियमों के तहत कैंसिलेशन की समय सीमा को और सख्त कर दिया गया है:
72 घंटे से 24 घंटे के बीच: इस दौरान टिकट कैंसिल करने पर अब कुल किराए का 25% हिस्सा काट लिया जाएगा।
24 घंटे से 8 घंटे के बीच: यदि आप ट्रेन छूटने के 24 घंटे से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं, तो 50% रिफंड ही वापस मिलेगा।
8 घंटे से कम समय: सबसे बड़ा बदलाव यहाँ है—अगर ट्रेन छूटने में 8 घंटे से कम का समय बचा है, तो यात्री को कोई रिफंड (Zero Refund) नहीं दिया जाएगा।
3. ‘वेटिंग’ और ‘आरएसी’ वालों के लिए राहत
राहत की बात यह है कि ये सख्त नियम मुख्य रूप से कन्फर्म (Confirmed) टिकटों पर लागू होंगे। वेटिंग लिस्ट और आरएसी (RAC) टिकटों के लिए फिलहाल पुराने क्लर्कगे चार्ज वाले नियम ही प्रभावी रहने की उम्मीद है, ताकि आम यात्रियों पर अधिक बोझ न पड़े।
4. तत्काल बुकिंग में ‘आधार’ का पहरा
दलालों और फर्जी आईडी से टिकट बुक करने वालों पर लगाम लगाने के लिए अब तत्कल कोटा की बुकिंग के दौरान आधार-आधारित OTP वेरिफिकेशन को अनिवार्य बनाया जा रहा है। इससे वास्तविक यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
5.यात्रियों के लिए राहत की खबर: बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव
नियम जहाँ सख्त हुए हैं, वहीं एक बड़ी राहत भी दी गई है। अब यात्री ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन (जहाँ से ट्रेन पकड़नी है) ऑनलाइन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा इतनी लचीली नहीं थी।
विशेषज्ञों की राय
रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियमों से उन यात्रियों को फायदा होगा जो वास्तव में यात्रा करना चाहते हैं, क्योंकि वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। हालाँकि, अचानक यात्रा रद्द करने वाले यात्रियों के लिए यह आर्थिक रूप से थोड़ा भारी पड़ सकता है।
महत्वपूर्ण नोट:
रेलवे के ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होने शुरू हो जाएंगे और 15 अप्रैल 2026 तक पूरे देश में लागू कर दिए जाएंगे। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि असुविधा से बचने के लिए वे आज ही IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर अपनी प्रोफाइल और आधार केवाईसी (KYC) अपडेट कर लें।