बालोद। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत बालोद के सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) झूमक सिंह राजपूत ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।
30 जून की डेडलाइन: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक का मुख्य एजेंडा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अधूरे पड़े मकानों की प्रगति की समीक्षा करना था। सीईओ राजपूत ने मैदानी अमले से एक-एक कर लंबित आवासों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आवास निर्माण में किसी भी प्रकार की लेत-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
”जिन हितग्राहियों के आवास किन्हीं कारणों से रुके हुए हैं, उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करें। आगामी 30 जून तक सभी लंबित आवासों को अनिवार्य रूप से पूर्ण कराकर हितग्राहियों को सौंपें।”
झूमक सिंह राजपूत, CEO, जनपद पंचायत बालोद
90 दिनों के रोजगार (मानव दिवस) पर फोकस
प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ मनरेगा के अभिसरण (Convergence) की भी समीक्षा की गई। सीईओ ने योजना के अंतर्गत 90 मानव दिवस रोजगार सृजन की प्रगति को देखा। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार मिलना भी उतना ही जरूरी है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मानव दिवस का सृजन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीणों को आर्थिक संबल मिल सके।
जल संरक्षण के लिए ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ अनिवार्य
आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए बैठक में जल संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। सीईओ झूमक सिंह राजपूत ने निर्देश दिया कि:
निर्मित होने वाले सभी प्रधानमंत्री आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) संरचना का निर्माण कराया जाए।
ग्रामीण क्षेत्रों में घटते भू-जल स्तर को सुधारने के लिए इस तकनीक को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।
मैदानी अधिकारी और कर्मचारी हितग्राहियों के बीच जाकर उन्हें जल संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करें।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जनपद पंचायत के करारोपण अधिकारी, उपअभियंता (Sub Engineers), सभी ग्राम पंचायतों के सचिव, रोजगार सहायक (ROGs) और समन्वयक विशेष रूप से उपस्थित थे। सीईओ ने सभी को आपसी समन्वय के साथ तय समय सीमा में काम पूरा करने की चेतावनी दी है।