बालोद। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज श्री अभिषेक शांडिल्य की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में बालोद पुलिस द्वारा संचालित विशेष सड़क सुरक्षा अभियान ने एक नई मिसाल कायम की है। जिले के 7 गाँवों को 100% हेलमेट उपयोग वाले “मॉडल हेलमेट ग्राम” के रूप में विकसित किया गया है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य ने महिला कमांडो टीम को शॉल एवं सर्च टॉर्च भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके कार्यों की सराहना करते हुए इस मॉडल को जिले के अन्य गाँवों एवं शहरी क्षेत्रों में भी लागू करने के निर्देश दिए।
मुख्य उपलब्धियाँ
✅ 73 महिला कमांडो ने घर-घर जाकर सर्वे किया।
✅ 7 गाँवों के 1103 दोपहिया वाहन चालकों में 100% हेलमेट उपयोग सुनिश्चित किया।
✅ सातों गाँवों को “मॉडल हेलमेट ग्राम” के रूप में विकसित किया गया।
✅ सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता की दिशा में बालोद पुलिस की ऐतिहासिक पहल।
पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में महिला कमांडो टीम ने ग्रामीणों से लगातार संवाद स्थापित कर हेलमेट के महत्व को समझाया। जिन लोगों के पास हेलमेट नहीं थे, उन्हें हेलमेट खरीदने एवं नियमित रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान यह संदेश दिया गया कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच है।
इस अभिनव अभियान की रूपरेखा तैयार करने एवं इसे जनसहभागिता से जोड़ने में पद्मश्री शमशाद बेगम, अध्यक्ष, महिला कमांडो सहयोगी जन कल्याण समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन एवं महिला कमांडो के समर्पित प्रयासों से यह अभियान सफल होकर पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत बन गया।
बालोद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सड़क सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाएं, हेलमेट का नियमित उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा यातायात नियमों का पालन कर स्वयं एवं अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।