संपादक : प्रवीण सारडा
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार ने मंत्रियों और पुलिस के बड़े अफसर के दौरे पर दी जाने वाली सलामी गादर में एक बड़ा बदलाव किया है। जिसके तहत अब अगर कोई भी मंत्री या फिर पुलिस के बड़े अधिकारी दौरे पर पहुंचते हैं तो उन्हें गॉड ऑफ ऑनर नहीं दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने फेसबुक पर पोस्ट कर इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचाई है।
दरअसल प्रदेश के कोई भी मंत्री या फिर पुलिस महानिदेशक के अलावा पुलिस के बड़े अफसर किसी जिले के दौरे या निरीक्षण पर जाते हैं तो सबसे पहले उन्हें पुलिस के जवानों द्वारा गॉड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया जाता रहा है। छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसे अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही प्रचलित सलामी बताते हुए इस नियम में बदलाव वाले आदेश को पोस्ट कर इसकी जानकारी जनता तक पहुंचाई है।
इसको लेकर छत्तीसगढ़ के गृह विभाग के उप सचिव ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश में लिखा है कि राज्य सरकार द्वारा सलामी समीक्षा कर सलामी गा (गॉड का ऑनर) की प्रक्रिया में संशोधन करते हुए पुलिस बल की कार्य क्षमता को बढ़ाने और उपनिवेशवाद को दर्शाती प्रक्रिया को समाप्त करने के उद्देश्य से सलामी गादर (गॉड ऑफ ऑनर) की वर्तमान व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत राज्य के भीतर सामान्य दौरों, आगमन, प्रस्थान और निरीक्षण के दौरान गृहमंत्री सहित सभी मंत्रियों, पुलिस महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के लिए पूर्व में प्रचलित सलामी की व्यवस्था को पूर्णता समाप्त की जाती है।
लेकिन गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, शहीद पुलिस स्मृति दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस, राजकीय शोक, पुलिस दीक्षांत परेड में सलामी की प्रक्रिया यथावत रहेगी। इसके अलावा प्रोटोकॉल के अनुसार संवैधानिक पदों पर आसीन अतिथियों एवं अन्य लोगों को दी जाने वाली सलामी यथावत रहेगी।
देखें आदेश














