28 फरवरी 2026 की काली रात ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू किया। इस मिशन को नाम दिया गया— ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury)। आज युद्ध का छठा दिन है और हालात बेकाबू हो चुके हैं।
1. क्यों शुरू हुआ यह भीषण युद्ध?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, यह हमला दो मुख्य कारणों से किया गया:
परमाणु ठिकाने: ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट करना।
सत्ता परिवर्तन (Regime Change): ईरान की वर्तमान सरकार को हटाकर वहां नया नेतृत्व लाना।
2.अब तक क्या-क्या हुआ? (Timeline of Events)
पिछले 6 दिनों का खौफनाक टाइमलाइन
28 फरवरी: अमेरिका के B-2 बॉम्बर्स ने तेहरान और इस्फहान पर 1,000 से ज्यादा मिसाइलें दागीं।
1 मार्च (बड़ी खबर): ईरान ने आधिकारिक तौर पर अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की। उनके साथ उनके परिवार के सदस्य और 48 टॉप कमांडर्स भी मारे गए।
3-4 मार्च: ईरान ने जवाबी कार्रवाई में ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत इजरायल और खाड़ी देशों (UAE, कतर, बहरीन) में स्थित अमेरिकी बेस पर मिसाइलें दागीं।
5 मार्च : इजरायल ने तेहरान पर बमबारी की 12वीं लहर पूरी की। समुद्र में भी जंग छिड़ गई है, जहां अमेरिका ने ईरान के एक बड़े युद्धपोत को डुबोने का दावा किया है।
3.रिपोर्ट्स के मुताबिक नुकसान का आंकड़ा डराने वाला है:
ईरान: लगभग 1,230+ लोग मारे जा चुके हैं (सैन्य और नागरिक मिलाकर)।
अमेरिका/इजरायल: 6 अमेरिकी सैनिक शहीद हुए हैं और इजरायल में लगभग 12 लोगों की मौत हुई है।
“युद्ध की स्थिति पल-पल बदल रही है, ये आंकड़े रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।”
4.किसने किस पर बम गिराए?
अमेरिका और इजरायल का निशाना (Operation Epic Fury):
परमाणु ठिकाने: इजरायल के F-35 स्टील्थ फाइटर्स ने इस्फहान (Isfahan) और नतांज (Natanz) के उन ठिकानों पर बमबारी की जहां ईरान का परमाणु प्रोग्राम चल रहा था।
मिसाइल और ड्रोन सेंटर्स: तेहरान के पास करज (Karaj) और मिनाब (Minab) में ईरान के मिसाइल लॉन्च पैड्स और ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।
कमांड सेंटर: तेहरan में IRGC (ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स) के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया, जिससे ईरान का मिलिट्री नेटवर्कटूट गया।
ईरान और हिजबुल्लाह का पलटवार (Operation True Promise 4):
तेल अवीव पर मिसाइलें: ईरान ने इजरायल के सबसे बड़े शहर तेल अवीव (Tel Aviv) पर ‘फतह’ (Fattah) जैसी हाइपरसोनिक मिसाइलें दागीं, जिससे वहां दहशत का माहौल है।
अमेरिकी बेस पर हमला: ईरान ने कतर (Al-Udeid Base), कुवैत और UAE में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए हैं। दुबई में अमेरिकी दूतावास के पास भी धमाके की खबरें आई हैं।
हिजबुल्लाह का रोल: लेबनान से हिजबुल्लाह ने इजरायल के उत्तरी शहर हाइफा (Haifa) पर रॉकेटों की बारिश कर दी है।
5.भारत की चिंता: आप पर क्या होगा असर?
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) का गणित:
क्या है यह? यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है जो ओमान और ईरान के बीच है। यह सिर्फ 50 किमी चौड़ा है।
दुनिया के लिए: दुनिया का 25% कच्चा तेल (लगभग 2 करोड़ बैरल रोज) यहीं से गुजरता है।
भारत के लिए: भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 55-60% गैस (LNG) इसी रास्ते से मंगवाता है।
आप पर सीधा असर:
महंगा पेट्रोल-डीजल: अगर ईरान इस रास्ते को बंद कर देता है, तो तेल की सप्लाई रुक जाएगी। इससे भारत में पेट्रोल की कीमतें ₹15-20 प्रति लीटर तक रातों-रात बढ़ सकती हैं।
रसोई गैस (LPG) का संकट: भारत अपनी 85% LPG (खाना पकाने वाली गैस) इसी रास्ते से मंगवाता है। अगर सप्लाई रुकी, तो सिलेंडर की किल्लत हो सकती है।
1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा: सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे देशों में करीब 1 करोड़ भारतीय काम करते हैं। अगर युद्ध फैला, तो उनकी जान और नौकरी दोनों खतरे में पड़ सकती है।
“भारत सरकार अब ‘स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (SPR) का इस्तेमाल करने और रूस से समुद्र के दूसरे रास्ते से तेल मंगवाने की योजना बना रही है ताकि देश में तेल की कमी न हो।”
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