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अर्नब चक्रवात के बीच पिपरछेड़ी स्वास्थ्य केंद्र की बड़ी उपलब्धि, 24 घंटे में चार सुरक्षित प्रसव

बालोद। अर्नब चक्रवात के बीच बालोद जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरछेड़ी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता और समर्पण का परिचय देते हुए 24 घंटे के भीतर चार महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया। प्रतिकूल मौसम के बीच स्वास्थ्यकर्मियों की इस सक्रियता को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सराहनीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बोरी की ममता प्रजापति ने पुत्र को जन्म दिया। वहीं, ग्राम बिरेतरा की लिकेश्वरी ने पुत्री को जन्म दिया। इसी तरह ग्राम चारवाही की संतोषी को पुत्री तथा ग्राम चारवाही की ही वंदना साहू को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। चारों प्रसव सुरक्षित रूप से कराए गए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामूहिक प्रयास से मिली सफलता

इस उपलब्धि में डॉ. दुष्यंत सोनबोईर, डॉ. उस्मान खान, सरस्वती साहू, गुमिता साहू, मनीषा साहू, कविता (स्टाफ नर्स), सुरेश साहू, गीतांजलि राणा, भारती भंडारी और पूनम चुरेंद्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम के सामूहिक प्रयासों से चक्रवात के बीच भी स्वास्थ्य सेवाएँ सुचारु रूप से जारी रहीं और चार महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया जा सका।

पाँचवाँ प्रसव भी संभावित, स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हुई महिला

समाचार लिखे जाने तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरछेड़ी में ग्राम पिपरछेड़ी की झमिता साहू भी प्रसव पीड़ा के चलते भर्ती हुई है। उनका प्रसव भी आज होने की संभावना जताई गई है। इस प्रकार स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के लिए लगातार महिलाओं के पहुँचने के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम अपनी जिम्मेदारी निभा रही है।

विपरीत परिस्थितियों में सेवा का सराहनीय उदाहरण

चक्रवात जैसी परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे समय में चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाती है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरछेड़ी में 24 घंटे के भीतर चार सुरक्षित प्रसव कराया जाना स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामूहिक प्रयास और सेवा भावना को दर्शाता है। विपरीत परिस्थितियों के बीच भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना स्वास्थ्यकर्मियों की जिम्मेदारी और समर्पण का सकारात्मक उदाहरण है।

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