Home / हड़ताल / तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ, जिला बालोद नियमितीकरण सहित तीन प्रमुख मांगों को लेकर तकनीकी सहायक कर्मचारियों का 13 से 15 अक्टूबर तक आंदोलन ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी निभाने वाले तकनीकी सहायक खुद अपने भविष्य को लेकर चिंतित
तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ, जिला बालोद नियमितीकरण सहित तीन प्रमुख मांगों को लेकर तकनीकी सहायक कर्मचारियों का 13 से 15 अक्टूबर तक आंदोलन ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी निभाने वाले तकनीकी सहायक खुद अपने भविष्य को लेकर चिंतित
बालोद। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ‘विकसित भारत जी राम जी’ (VB-G RAM G) योजना में कार्यरत तकनीकी सहायक कर्मचारियों ने अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का शंखनाद किया है। तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ, जिला बालोद के नेतृत्व में 13 एवं 14 अक्टूबर 2026 को जिला स्तरीय ध्यानाकर्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वहीं, 15 अक्टूबर 2026 को राज्य स्तर पर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा।
संघ की तीन प्रमुख मांगें
1. नियमित पदों का सृजन एवं समायोजन:
योजना के अंतर्गत कार्यरत समस्त तकनीकी सहायक कर्मचारियों के लिए नियमित पदों का सृजन कर उन्हें नियमितीकरण की प्रक्रिया के तहत समायोजित किया जाए।
2. स्थायीकरण नियमावली तत्काल लागू करना:
नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक तकनीकी सहायक कर्मचारियों की सेवा शर्तें पंचायत विभाग में कार्यरत ग्राम पंचायत सचिवों के समान निर्धारित करते हुए स्थायीकरण नियमावली तत्काल लागू की जाए।
3. पदनाम में परिवर्तन:
तकनीकी सहायक पद का पदनाम परिवर्तित कर ‘कनिष्ठ अभियंता (VB-G RAM G)’ किया जाए, ताकि उनके तकनीकी कार्यों एवं जिम्मेदारियों के अनुरूप पदनाम निर्धारित हो सके।
ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी, फिर भी लंबित हैं मांगें
संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि तकनीकी सहायक कर्मचारी ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की तकनीकी देखरेख, प्राक्कलन तैयार करने, मूल्यांकन तथा अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
इसके बावजूद तकनीकी सहायक कर्मचारी लंबे समय से सेवा अस्थिरता, नियमितीकरण एवं पदनाम से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं। वर्षों तक विभागीय दायित्वों का निर्वहन करने के बाद भी नियमितीकरण नहीं होने से कर्मचारियों में निराशा और असंतोष व्याप्त है।
संघ का कहना है कि कर्मचारियों की मांगें उनके भविष्य, सम्मानजनक सेवा शर्तों एवं सुरक्षित रोजगार से जुड़ी हुई हैं। शासन से अपेक्षा है कि वह तकनीकी सहायक कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगा।
शासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की अपील
तकनीकी सहायक कर्मचारी संघ, जिला बालोद ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि कर्मचारियों की तीनों प्रमुख मांगों पर शीघ्र विचार कर न्यायोचित निर्णय लिया जाए। संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान एवं भविष्य की सुरक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा है।
संघ को उम्मीद है कि शासन तकनीकी सहायक कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान करते हुए नियमितीकरण, स्थायीकरण नियमावली एवं पदनाम परिवर्तन की मांगों पर ठोस पहल करेगा।