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पानाबरस, कुवारदल्ली, भगवानटोला, आड़ेझर, छूइहा, मुकदाह, पुत्तरगोंदी कला, मोतीपुर एवं हेरकुटुम तक पहुँची नम्रता सिंह* — *जिले के अंतिम गांव तक जनसंवाद, आस्था और विकास का सतत अभियान

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह द्वारा जिले के सुदूर एवं अंतिम छोर तक बसे ग्रामों — पानाबरस, कुवारदल्ली, भगवानटोला, आड़ेझर, छूइहा, मुकदाह, पुत्तरगोंदी कला, मोतीपुर एवं हेरकुटुम — का व्यापक दौरा किया जा रहा है। यह दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर सीधे जनसंवाद और जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है।

महाशिवरात्रि के अवसर पर उन्होंने विभिन्न मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की कामना की। कई ग्रामों में आयोजित रामायण मानस कार्यक्रमों में सहभागिता कर श्रद्धालुओं के साथ आध्यात्मिक वातावरण में समय व्यतीत किया। भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपराओं से ओतप्रोत इन आयोजनों ने ग्रामीण अंचलों में सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था को और मजबूत किया।

दौरे के दौरान नम्रता सिंह प्रत्येक गांव में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों से सीधे संवाद स्थापित कर रही हैं। चौपाल एवं सामुदायिक स्थलों पर बैठकर वे ग्रामवासियों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुन रही हैं और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ-साथ त्वरित निराकरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ करा रही हैं। ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी, शिक्षा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगें रखीं, जिन पर सकारात्मक पहल करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया गया।

विशेष रूप से मातृशक्ति की सहभागिता इन दौरों में उल्लेखनीय रही। विभिन्न ग्रामों में बहनों द्वारा आत्मीय स्वागत और संवाद के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं को साझा किया गया। युवाओं ने रोजगार, खेल मैदान एवं कौशल विकास से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए, वहीं बुजुर्गों ने ग्राम की पारंपरिक समस्याओं और अपेक्षाओं से अवगत कराया।

नम्रता सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक गांव तक पहुँचकर लोगों से जुड़ना, उनके विश्वास को सशक्त करना और विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारना ही सच्ची जनसेवा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले का कोई भी गांव विकास से अछूता नहीं रहेगा और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।

जिले के अंतिम गांव तक सतत भ्रमण और संवाद का यह अभियान जनविश्वास, आस्था और विकास की त्रिवेणी को साकार कर रहा है। विभिन्न कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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