अगर आप शनिवार, 7 फरवरी को कहीं जाने के लिए कैब या ऑटो बुक करने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। अपनी मांगों को लेकर देशभर के ऐप-आधारित ड्राइवर्स ने ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ (All India Breakdown) नाम से हड़ताल का ऐलान किया है।
क्या है पूरा मामला?
तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने अन्य राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। यूनियन का दावा है कि ओला, उबर, रैपिडो और पोर्टर जैसी कंपनियों के साथ काम करने वाले लाखों ड्राइवर्स का लंबे समय से शोषण हो रहा है।
ड्राइवर्स की मुख्य मांगें:ड्राइवर्स ने सरकार और कंपनियों के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
न्यूनतम किराया (Minimum Base Fare): केंद्र और राज्य सरकारें जल्द से जल्द न्यूनतम बेस फेयर तय करें।
रेगुलेशन की कमी: ड्राइवर्स का कहना है कि कंपनियां अपनी मर्जी से किराया तय करती हैं और भारी कमीशन काटती हैं, जिससे उनकी कमाई घट रही है।
निजी वाहनों पर रोक: व्यावसायिक काम (Commercial Use) के लिए निजी बाइक या गाड़ियों के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी लगाई जाए।
नीतिगत बदलाव: ‘मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025’ के तहत श्रमिक यूनियनों से सलाह लेकर ही किराए और नियम तय किए जाएं।
आम जनता पर क्या होगा असर?
कैब और ऑटो की किल्लत: ड्राइवर्स कम से कम 6 घंटे के लिए अपने ऐप्स बंद (Log out) रखेंगे।
बढ़ता किराया (Surge Pricing): गाड़ियां कम होने के कारण उपलब्ध कैब्स का किराया आसमान छू सकता है।
एयरपोर्ट और ऑफिस जाने वालों को दिक्कत: सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में सबसे ज्यादा परेशानी होने की संभावना है।
यूनियन का संदेश: “कोई न्यूनतम किराया नहीं, कोई रेगुलेशन नहीं, सिर्फ अंतहीन शोषण। लाखों ड्राइवर गरीबी की ओर धकेले जा रहे हैं, जबकि कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं।”
यात्रियों के लिए सलाह:
अगर आपको 7 फरवरी को यात्रा करनी है, तो मेट्रो, बस या खुद की गाड़ी जैसे वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें। विशेष रूप से एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री समय से पहले निकलें।