महासमुंद पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और त्वरित कार्यवाहियों में से एक को अंजाम दिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर पुलिस ने तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।
6 घंटे में ‘एंड-टू-एंड’ नेटवर्क का पर्दाफाश
इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता मात्र 6 घंटे के भीतर मिली, जिसमें पुलिस ने न केवल गांजा ले जा रहे तस्करों को पकड़ा, बल्कि तकनीकी विश्लेषण के जरिए थोक विक्रेता (Wholesaler) और खरीददार (Buyer) को भी दबोच लिया। इस जबरदस्त समन्वय में रायपुर, राजनांदगांव और महाराष्ट्र के भंडारा जिले की पुलिस का विशेष सहयोग रहा।
जब्त वाहन: तस्करी में प्रयुक्त 6 कारें (कीमत ₹55 लाख)
प्रमुख क्षेत्र: थाना सिंघोड़ा, कोमाखान और बागबाहरा।
साइबर सेल की रही अहम भूमिका
इस पूरे सिंडिकेट को ट्रैक करने में साइबर थाना के डाटा एनालिटिक्स एंड इंटेलिजेंस डेस्क ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संदिग्धों के डिजिटल फुटप्रिंट्स और कॉल डेटा एनालिसिस के आधार पर पुलिस ने सटीक घेराबंदी की, जिससे तस्करों को भागने का मौका नहीं मिला। पकड़े गए आरोपियों में मध्य प्रदेश के जबलपुर के तीन शातिर अंतरराज्यीय तस्कर भी शामिल हैं।
”महासमुंद पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। हमारा लक्ष्य केवल माल पकड़ना नहीं, बल्कि उड़ीसा से लेकर महाराष्ट्र और एमपी तक फैले पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है।” — महासमुंद पुलिस प्रशासन
वर्ष 2026 के आंकड़े: नशे के विरुद्ध महायुद्ध
महासमुंद पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष (2026) अब तक हुई कार्रवाइयां चौंकाने वाली हैं: