
बालोद, 11 फरवरी 2026
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा संचालित योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा जारी स्टेट प्लान ऑफ एक्शन के अनुसार आज सर्किट हाउस बालोद के सभाकक्ष में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद श्री एस.एल. नवरत्न के मार्गदर्शन एवं उपस्थिति में किशोर न्याय प्रणाली को अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं बालहितैषी बनाने के उद्देश्य से किशोर न्याय अधिनियम (बालकों की देखरेख और संरक्षण) 2015 विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला में प्रधान जिला न्यायाधीश महोदय ने अपने उद्बोधन में बताया कि किशोर न्याय अधिनियम का मूल उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि बच्चों में सुधार लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक बच्चा सुधार और नए अवसर का अधिकारी है तथा समाज की जिम्मेदारी है कि उसे सकारात्मक वातावरण प्रदान किया जाए। बच्चों के साथ व्यवहार करते समय उनकी गरिमा, सम्मान एवं भविष्य को सदैव ध्यान में रखा जाना चाहिए। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.एस.सी.) श्री कृष्ण कुमार सूर्यवंशी ने पॉक्सों अधिनियम के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान किया गया तथा उनके द्वारा किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत बताया कि किशोर न्याय व्यवस्था की सफलता तभी संभव है जब सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और प्रत्येक मामले में बालहित को सर्वोपरि रखा जाए। साथ ही बच्चों को शिक्षा, कौशल विकास एवं परामर्श सेवाओं से जोड़ने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया। प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड बालोद सुश्री सतप्रीत कौर छाबड़ा ने किशोर न्याय अधिनियम के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। उन्होंने ने यह भी बताया कि संघर्षरत बालकों के मामलों में सहानुभूति, संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, ताकि बच्चों में आत्मविश्वास विकसित हो और वे भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद भारती कुलदीप ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा इससे जुड़े नियमों एवं प्रक्रियाओं की व्यापक जानकारी प्रदान करना रहा। जिससे संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की क्षमता में वृद्धि हो सके। किशोर न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने तथा बाल अधिकारों के संरक्षण हेतु इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन निरंतर जारी रहेगा। कार्यशाला में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बालोद श्री संजय सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर, किशोर न्याय बोर्ड बालोद के सदस्यगण, बालक कल्याण समिति बालोद के अध्यक्ष व समस्त सदस्यगण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के पैरालीगल वालिटिंयर उपस्थित थे।
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