रायपुर/दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ शासन ने दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ पुलिस उपाधीक्षक (DSP) कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राज्य के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश में श्रीमती वर्मा के विरुद्ध गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही गई है। निलंबन की अवधि के दौरान वे पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में अटैच रहेंगी।
प्रमुख आरोप और निलंबन का कारण
शासन की ओर से जारी आदेश और प्राथमिक जांच रिपोर्ट में डीएसपी कल्पना वर्मा के खिलाफ कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
वित्तीय अनियमितताएं: जांच में अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के संकेत मिले हैं।
पद का दुरुपयोग: पद पर रहते हुए अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर निजी लाभ लेने के साक्ष्य पाए गए हैं।
नक्सल ऑपरेशन की जानकारी लीक करने का आरोप: एक वायरल व्हाट्सएप चैट के आधार पर यह आरोप लगा है कि उन्होंने संवेदनशील एंटी-नकल ऑपरेशन की खुफिया जानकारी और जवानों की लोकेशन एक बाहरी व्यक्ति (कारोबारी) के साथ साझा की थी।
कथनों में विरोधाभास: प्राथमिक जांच के दौरान श्रीमती वर्मा द्वारा दिए गए बयानों और साक्ष्यों (व्हाट्सएप चैट व सीसीटीवी फुटेज) के बीच काफी विसंगतियां पाई गईं।

क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब रायपुर के एक होटल कारोबारी दीपक टंडन ने डीएसपी कल्पना वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए। कारोबारी का दावा था कि डीएसपी ने उन्हें ‘लव ट्रैप’ में फंसाकर लगभग 2.5 करोड़ रुपये, हीरे की अंगूठी, सोने के गहने, एक लग्जरी कार और यहां तक कि एक होटल की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली।
कारोबारी ने सबूत के तौर पर व्हाट्सएप चैट्स और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपे थे। हालांकि, डीएसपी कल्पना वर्मा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया था और इसे अपने पिता के साथ हुए एक पुराने व्यापारिक लेनदेन का विवाद बताया था।










