
बालोद। झारखंड राज्य में पारदर्शी एवं निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भाजयुमो जिलाध्यक्ष बालोद गुलशन साहू ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने छात्र-युवाओं पर किए गए बल प्रयोग को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास करार दिया।
गुलशन साहू ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और अपने अधिकारों की मांग करना प्रत्येक विद्यार्थी का लोकतांत्रिक एवं जायज अधिकार है। छात्रों की समस्याओं और उनकी मांगों का समाधान संवाद, संवेदनशीलता एवं सकारात्मक पहल के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि लाठीचार्ज और बल प्रयोग के जरिए।
उन्होंने कहा कि “पारदर्शी परीक्षा की मांग की थी, बदले में लाठियां मिलीं”— यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। अपने भविष्य और अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे युवाओं पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाया जा सकता है, लेकिन उनके अधिकारों और न्याय की मांग को समाप्त नहीं किया जा सकता। सरकार को तत्काल छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए उनके साथ संवाद स्थापित करना चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज देश का युवा अपने अधिकारों, शिक्षा और भविष्य को लेकर पहले से अधिक जागरूक है। लोकतंत्र में युवाओं की बात को सम्मानपूर्वक सुनना और उनकी समस्याओं का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
गुलशन साहू ने सरकार से मांग की कि छात्रों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाया जाए तथा भविष्य में अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग के बजाय संवाद का रास्ता अपनाया जाए।
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