बालोद जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड की जल भराव की समस्या और उसके समाधान के लिए हुए विरोध प्रदर्शन की यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। आपकी जानकारी के आधार पर इस घटना का सारांश और मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
बस स्टैंड से राष्ट्रीय राजमार्ग 930 (NH-930) लगा हुआ है। पहले यहाँ से पानी की निकासी एक पुल के माध्यम से होती थी। लेकिन नेशनल हाईवे के अधिकारियों द्वारा पुराने पुल के स्थान पर पाइप डाल दिए गए थे। कचरा और मिट्टी फंसने के कारण पाइप जाम हो गए। बारिश का पानी बस स्टैंड से बाहर निकलने के बजाय वापस भरने लगा, जिससे पूरा परिसर तालाब में तब्दील हो गया।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने इस समस्या को लेकर कई बार नेशनल हाईवे के अधिकारियों से चर्चा की।आज सुबह भी बातचीत के जरिए समाधान का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकारियों के अड़ियल रवैये के कारण कोई नतीजा नहीं निकला।
जनहित को देखते हुए प्रतिभा चौधरी, भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय व्यापारियों के साथ NH-930 पर धरने पर बैठ गईं। धरना प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया। मामला बिगड़ता देख और जनता के आक्रोश को महसूस करते हुए नेशनल हाईवे के अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे।
प्रशासन और एनएच अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की मांग को जायज माना और निम्नलिखित निर्णय लिए। जाम हो चुके पाइपों की जगह अब नए सिरे से बड़े पुल का निर्माण शुरू करने की कवायद की गई। मौके पर ही काम शुरू करने के आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया। यह घटना दर्शाती है कि कभी-कभी प्रशासनिक लापरवाही को दूर करने के लिए जनप्रतिनिधियों और जनता का सड़क पर उतरना आवश्यक हो जाता है। उम्मीद है कि नए पुल के निर्माण से बालोद बस स्टैंड को इस पुरानी समस्या से स्थायी मुक्ति मिलेगी।
धरने में शामिल प्रमुख व्यक्ति
इस विरोध प्रदर्शन में नगर पालिका उपाध्यक्ष कमलेश सोनी भाजपा और स्थानीय व्यापारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। धरने में मुख्य रूप से भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष अमित चोपड़ा, महामंत्री नरेंद्र सोनवानी, पार्षद गिरजेश गुप्ता, बंटी शर्मा, आशा पटेल, वैभव राखेचा, कमल बजाज, महेश पाठक, पिंटू सारथी, यूसुफ खान, जागेश्वर ढीमर, शरद गुप्ता, राजेश बाफना और लालू सेलवानी सहित बस स्टैंड के समस्त व्यापारी उपस्थित रहे। इन सभी ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।