बालोद। नगर में आज 23 जून को माहेश्वरी समाज द्वारा ‘महेश नवमी महोत्सव’ बेहद श्रद्धा, अपार उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। माहेश्वरी पंचायत, माहेश्वरी महिला मंडल और माहेश्वरी युवा मंच बालोद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुंदर छटा देखने को मिली। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भगवान महेश (भगवान शिव) की आराधना के साथ-साथ समाज में एकजुटता और सेवा भावना को सुदृढ़ करना रहा, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सुबह से ही शुरू हुआ आयोजनों का दौर
महोत्सव की शुरुआत सुबह ठीक 7:30 बजे भगवान गणेश मंदिर से हुई, जहाँ से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में झूमते-गाते नजर आए। इसके बाद सुबह 9:00 बजे माहेश्वरी भवन में विधि-विधान से पार्थिव शिव पूजन और अभिषेक (रुद्राभिषेक) संपन्न हुआ, जिसमें पूरा माहौल शिवमय हो गया।
स्वास्थ्य जाँच और सामाजिक सरोकार के कार्य
पूजा-अर्चना के साथ ही समाज ने सेवा कार्यों में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। सुबह 9:30 बजे से एक ‘फ्री बॉडी चेकअप शिविर’ (निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच) का आयोजन किया गया। इसके तुरंत बाद सुबह 10:00 बजे ‘रक्तदान एवं नेत्रदान पंजीकरण शिविर’ लगाया गया, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर समाज सेवा के लिए अपना पंजीकरण कराया।
प्रतिभाओं का हुआ सम्मान और सांस्कृतिक कार्यक्रम
बच्चों और युवाओं के प्रोत्साहन के लिए बाल प्रतिभा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसके बाद सुबह 10:30 बजे ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ आयोजित कर प्रतिभावान बच्चों को पुरस्कृत किया गया। दोपहर 12:00 बजे समाज के सभी लोगों ने एक साथ मिलकर सामूहिक भोजन प्रसादी ग्रहण की।
दोपहर 2:00 बजे अतिथि स्वागत व सम्मान समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें दुर्ग से कमल बियानी, डोंगरगढ़ से रूपा मूंदड़ा और रायपुर से स्वराज माहेश्वरी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके बाद दोपहर 3:00 बजे पारिवारिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। माहेश्वरी पंचायत के अध्यक्ष स्वरूप राठी ने बताया कि समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं और युवाओं की सक्रिय सहभागिता ने इस पूरे आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
शाम को महाआरती और भजन संध्या से हुआ समापन
शाम होते ही भक्ति का माहौल और गहरा हो गया। शाम 7:00 बजे बालोद के दशौंदी तालाब पर बेहद भव्य ‘शिव आरती’ का आयोजन किया गया, जिसमें तालाब का घाट दीपों और मंत्रोच्चार से गूंज उठा। महोत्सव का समापन रात 8:30 बजे माहेश्वरी भवन में आयोजित एक सुमधुर ‘भजन संध्या’ के साथ हुआ, जहाँ देर रात तक श्रद्धालु शिव भजनों पर झूमते रहे।