छत्तीसगढ़ की रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने आईपीएल मैच के दौरान ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले गिरोह के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ‘एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट’ (ACCU) और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मुंबई, ओडिशा के भवानीपटना और दुर्ग में दबिश देकर 3 बड़े सट्टा पैनल नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बालोद, दुर्ग, भिलाई और रायपुर के युवक शामिल हैं।
60 लाख का सामान और करोड़ों का हिसाब बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से तकनीकी उपकरणों का जखीरा बरामद किया है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है:
लैपटॉप: 10 नग
मोबाइल फोन: 87 नग
नकदी: 1,95,000 रुपये
एटीएम कार्ड: 72 नग (विभिन्न बैंकों के)
अन्य: 3 एलईडी टीवी, 23 सिम कार्ड, वाईफाई राउटर और सट्टे के हिसाब-किताब वाली कॉपियां।
कैसे हुआ खुलासे का आगाज?
पुलिस को सूचना मिली थी कि रायपुर के रेलवे स्टेशन के पास एक कार में सवार व्यक्ति मोबाइल पर ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है। डीसीपी (क्राइम) स्मृतिक राजनाला के निर्देशन में टीम ने घेराबंदी कर मनदीप सिंह (टाटीबंध) को पकड़ा। मनदीप से पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह के तार छत्तीसगढ़ के बाहर मुंबई और ओडिशा तक फैले हुए हैं।
तीन राज्यों में दी गई दबिश
1.मुंबई रेड: रायपुर का हर्ष नागदेव अपने 8 साथियों के साथ मुंबई से ‘बजरंग ग्रुप एप’ संचालित कर रहा था। यहाँ से बालोद के भी 4 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
2.ओडिशा रेड: भवानीपटना में रेड के दौरान खुमान साहू और उसके साथियों को ‘रेड्डी बुक’ पैनल चलाते हुए पकड़ा गया।
3.दुर्ग रेड: पुलिस ने सिकोला बस्ती के हरीश नायक और धनोरा के सन्नी देवांगन को गिरफ्तार किया, जो इस नेटवर्क के अहम हिस्सा थे।
बालोद के आरोपी भी शामिल
इस गिरोह में बालोद जिले के दल्लीराजहरा क्षेत्र के युवाओं की संलिप्तता भी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में धरम राज, फत्ते सिंह यादव, शत्रुघन कुमार कोमरे और सुनील कुमार कोमरे शामिल हैं, जो सभी बालोद के निवासी हैं और मुंबई से पैनल ऑपरेट कर रहे थे।
म्यूल खातों का खेल और करोड़ों का लेनदेन
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सट्टे की रकम के लेनदेन के लिए ‘म्यूल बैंक खातों’ (किराए के खाते) का इस्तेमाल करते थे। इन खातों की जांच में करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन मिले हैं। पुलिस अब उन खाताधारकों की तलाश कर रही है जिन्होंने पैसों के लालच में अपने खाते इन सटोरियों को दिए थे।