अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने अपना 78वाँ स्थापना दिवस बालोद जिले में गरिमामय ढंग से मनाया। इस अवसर पर जिला बस स्टैंड स्थित भारत माता की प्रतिमा के समक्ष कार्यकर्ताओं ने स्वच्छता अभियान चलाया, पुष्पांजलि अर्पित की और सामूहिक आरती का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान परिषद के कार्यकर्ताओं ने परिसर की साफ-सफाई कर राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
”ज्ञान, शील, एकता” के मूल मंत्र से हो रहा चरित्र निर्माण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अभाविप केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना का एक सशक्त अभियान है। पिछले 78 वर्षों से यह परिषद “ज्ञान, शील, एकता” के मूल मंत्र के साथ विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का निरंतर कार्य कर रही है। विद्यार्थी शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानते हुए अभाविप शिक्षा, समाज और राष्ट्रहित के विभिन्न गंभीर विषयों पर हमेशा सक्रिय भूमिका निभाती आ रही है।
गौरवशाली यात्रा को याद कर लिया संकल्प
वक्ताओं ने आगे कहा कि स्थापना दिवस संगठन की गौरवशाली यात्रा का स्मरण करने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को पुनः संकल्पित करने का एक पावन अवसर है। परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता सेवा, संगठन और संस्कार के माध्यम से राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
राष्ट्र निर्माण के इस संकल्प कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे:
मनीषा राणा (प्रांत सहमंत्री, छत्तीसगढ़)
दीपेश साहू (जिला संयोजक)
शान सोनी (नगर मंत्री)
मयंक साहू ‘मान्या’ (नगर सहमंत्री)
सुजल खन्ना (मीडिया प्रभारी)
इसके साथ ही यश राजपूत, लक्ष्य चौधरी, आशुतोष कौशिक, अंश योगी, ओम अरोड़ा, जितेश सोनी, दीपेश कुमार साहू, लुमेश साहू, आकाश श्रीवास्तव, रुद्र यादव, कीर्तन साहू, बॉबी देशमुख सहित भारी संख्या में अभाविप के अन्य कार्यकर्ता व छात्र मौजूद थे।