बालोद। जिले में चंदन तस्करों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आ रहे हैं। बालोद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महर्षि मुक्तानंद आश्रम परिसर में चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। अज्ञात चोरों ने आश्रम परिसर में लगे करीब 20 वर्ष पुराने मलयागिरि प्रजाति के 5 कीमती चंदन के पेड़ों को रातों-रात काट दिया और उनके तने लेकर फरार हो गए। घटना का खुलासा बुधवार सुबह हुआ, जिसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
सुरक्षा जाली काटकर अंदर घुसे चोर, केवल डालियां और ठूंठ छोड़े
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यह वारदात 7 जुलाई की रात से 8 जुलाई की सुबह के बीच की है। महर्षि मुक्त लोक सेवा सार्वजनिक न्यास हथौद के सचिव और सरस्वती शिशु उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य पवन कुमार साहू ने बताया कि:
आश्रम की लगभग 5 एकड़ 9 डिसमिल भूमि पर बरसों पहले मलयागिरि प्रजाति के 8 चंदन के पौधे रोपे गए थे, जिनकी लगातार देखभाल की जा रही थी।
बुधवार सुबह विद्यालय के एक आचार्य ने परिसर में पेड़ कटे होने की सूचना दी।
जब मौके पर जाकर देखा गया, तो चोरों ने खेत की सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की जाली को बेरहमी से काटा था और अंदर दाखिल हुए थे।
तस्करों ने बेहद शातिराना अंदाज में सिर्फ कीमती तने (Trunks) गायब कर दिए और मौके पर सिर्फ पेड़ों की डालियां और ठूंठ ही बचे मिले।
₹5 लाख की चोरी, भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज
चोरी गए इन पांचों परिपक्व चंदन के पेड़ों की अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है। कटे हुए पेड़ों की परिधि 39 से 64 सेंटीमीटर और ऊंचाई करीब 7 से 8 फीट थी।
कानूनी कार्रवाई: पीड़ित पक्ष की शिकायत पर बालोद थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 एवं 331(4) के तहत अपराध क्रमांक 334/2026 दर्ज कर लिया है। मामले की कमान सहायक उप निरीक्षक (ASI) सूरज राम साहू को सौंपी गई है।
सुनियोजित साजिश की आशंका, पुलिस खंगाल रही CCTV
जिस तरह से केवल परिपक्व पेड़ों को चुनकर उनके मुख्य तने ले जाए गए हैं, उससे साफ है कि इस चोरी को किसी पेशेवर और सुनियोजित नेटवर्क ने अंजाम दिया है। पुलिस अब:
घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
इलाके में हाल ही में देखी गई संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
चंदन की अवैध तस्करी से जुड़े लोकल और अंतरराज्यीय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ रही है।
इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि शैक्षणिक और धार्मिक परिसर से इस तरह कीमती पेड़ों की चोरी होना क्षेत्र की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बहरहाल, पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।