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आस्था, सेवा और समर्पण: बालोद में महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, शीतल जल पिलाकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने की सेवा

बालोद। महाप्रभु श्री जगन्नाथ की पावन रथ यात्रा के शुभ अवसर पर बुधवार को बालोद शहर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई दिया। “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष, भक्ति गीतों और श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच निकली रथ यात्रा ने पूरे शहर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में रथ यात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

रथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। छोटे बच्चों से लेकर युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी श्रद्धा के साथ भगवान के दर्शन के लिए पहुंचे। पूरे मार्ग में भक्तों द्वारा “जय जगन्नाथ” के जयकारे लगातार गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

इस पावन अवसर पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सेवा भाव का परिचय देते हुए श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की। भीषण गर्मी और उमस के बीच यात्रा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं को ठंडा पानी पिलाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यकर्ताओं ने पूरी श्रद्धा, समर्पण और अनुशासन के साथ सेवा कार्य को अंजाम दिया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा को सबसे बड़ा धर्म माना गया है और धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सेवा करना सौभाग्य की बात है। महाप्रभु श्री जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, भाईचारे, मानव सेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का भी प्रतीक है।

रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन, पुलिस विभाग, आयोजन समिति तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों का भी सराहनीय योगदान रहा। सभी के सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, भव्य एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के अंत में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भगवान श्री जगन्नाथ से देश, प्रदेश एवं बालोद जिले की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और जनकल्याण की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने भी महाप्रभु के दर्शन कर परिवार की मंगलकामना की तथा धर्म, सेवा और संस्कार के इस पावन आयोजन को यादगार बताया।

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