NAFIS तकनीक से अब एक क्लिक में मिलेगी अपराधियों की पूरी जानकारी
बालोद। अपराधियों पर शिकंजा कसने और जांच प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बालोद पुलिस अब अत्याधुनिक तकनीक से लैस होने जा रही है। पुलिस मुख्यालय नया रायपुर के निर्देशानुसार, पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन तथा डीएसपी श्री राजेश बागड़े के नेतृत्व में आज पुलिस कार्यालय बालोद के सभागार में एक दिवसीय फिंगरप्रिंट प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यशाला की मुख्य बातें और प्रशिक्षण के बिंदु
कार्यशाला में फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट श्री धर्मेंद्र कुमार भारती ने जिले के सभी थानों से आए अधिकारियों, कर्मचारियों और कोर्ट मोहर्रिरों को फिंगरप्रिंट तकनीक से जुड़े विभिन्न आधुनिक पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया:
वैज्ञानिक विधि से फिंगरप्रिंट संग्रह: गिरफ्तार आरोपियों, संदिग्धों और निगरानी बदमाशों के दोनों हाथों के फिंगरप्रिंट लेने के सटीक और वैज्ञानिक तरीके सिखाए गए।
घटनास्थल (Crime Scene) पर साक्ष्य सुरक्षा: अपराध स्थल पर मिले फिंगरप्रिंट साक्ष्यों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रखने और एकत्र करने के आधुनिक गुर बताए गए।
अज्ञात शवों की पहचान: अज्ञात मृतकों के चर्म-पोर (Skin impression) को सुरक्षित रखने की वैज्ञानिक प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
NAFIS प्रणाली का उपयोग: NAFIS (National Automatic Fingerprint Identification System) के जरिए ऑनलाइन फिंगरप्रिंट अपलोड करने और पलक झपकते ही पुराने रिकॉर्ड से मिलान करने का प्रशिक्षण दिया गया।
मैनुअल से डिजिटल: जांच में आएगी तेजी
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ ने बताया कि पहले फिंगरप्रिंट का रखरखाव और मिलान मैनुअल (कागजी) तरीके से होता था, जिसमें काफी समय और श्रम लगता था। अब NAFIS प्रणाली लागू होने से देश-प्रदेश के अपराधियों का डेटाबेस ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।
”NAFIS तकनीक के माध्यम से अब केवल एक क्लिक में फिंगरप्रिंट का ऑनलाइन मिलान संभव होगा, जिससे अंतर्राज्यीय व स्थानीय अपराधियों की पहचान तत्काल हो सकेगी।”
शंकाओं का समाधान और टिप्स
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पुलिसकर्मियों ने क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन से जुड़े अपने प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ द्वारा व्यावहारिक समाधान किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि सूक्ष्म से सूक्ष्म साक्ष्य को सुरक्षित रखकर केस को मजबूती से कोर्ट में कैसे प्रस्तुत किया जाए, ताकि पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके।
इस अवसर पर डीएसपी श्री राजेश बागड़े सहित बालोद जिले के समस्त थानों एवं रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।