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एक राखी सैनिक भाई के नाम: बालोद की गाइड एवं रेंजर बहनों ने पेश की देशभक्ति की मिसाल

बालोद

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ जिला संघ बालोद के तत्वाधान में पंडित श्री राम जी बाजपेयी जी की जयंती श्रद्धा पूर्वक मनाई गई, जयंती कार्यक्रम में श्री राम जी बाजपेयी जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया ,

साथ ही सम्मानित अतिथियों द्वारा उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालोद में किया गया जहां विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधो का रोपण किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव जी, घनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रचार्य डॉ जे के खलको, जिला सचिव केएल गजेन्द्र, डी ओ सी द्वय नेमसिंह साहू , प्रेमलता चंद्राकर , डीटीसी भुवन सिन्हा, वरिष्ठ कब मास्टर वाई पी गांगुली, विकासखंड सचिव रूपेन्द्र सिन्हा, मिलन सिन्हा डॉ आरडी साहू, कमला वर्मा, योगिता राजपूत, विवेक धुर्वे, नीलकमल चंदेल, मनीषा अग्रवार, तुलसी डोंगरे, सहित बड़ी संख्या में प्रभारी शिक्षक एव स्काउट,गाइड,रोवर,रेंजर उपस्थित रहे।

पंडित श्रीराम जी बाजपेयी जयंती पर अतिथियों का उद्बोधन

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव जी ने कहा कि पण्डित साहब श्रीराम बाजपेई भारत में स्काउटिंग आंदोलन के जनक और प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं , ब्रिटिश काल में जब लॉर्ड बेडेन द्वारा शुरू किया गया मूल स्काउट आंदोलन भारतीय बच्चों के लिए खुला नहीं था, तब पंडित श्री राम बाजपेई ने देश में भारतीय राष्ट्वादियों के साथ मिलकर स्वदेशी स्काउटिंग की नींव रखी। और भारतीय बच्चों के लिए सन 1913 में पहला स्काउट दल खोला।साथ ही उन्होंने वृक्षारोपण का महत्व भी बताया।

डीओसी स्काउट एवं शिविर संचालक ( स्काउट ) नेमसिंह साहू ने बताया कि इनके नेतृत्व में प्रथम औैपचारिक जंबूरी: भारत में स्काउट्स की सबसे बड़ी प्रतियोगिता और सामूहिक शिविर (जंबूरी) का आयोजन 1 से

7 फरवरी 1937 को दिल्ली में किया गया था। पंडित श्रीराम बाजपेर्ई के नेतुत्व में

भारतीय स्काउट्स ने ब्रिटिश हुकूमत के सामने अपनी योग्यता साबित की। उन्होंने लॉर्ड बेडेन पॉवेल के समक्ष भी भारतीय स्काउटिंग का लोहा मनवाया था।

डीओसी गाइड एवं शिविर संचालक (गाइड विभाग)प्रेमलता चंद्राकर ने . ब्रिटिश स्काउट संगठन में ‘राजा के प्रति कर्तव्य’ (Duty to king) की शपथ लेनी होती थी।

पंडित श्रीराम बाजपेयी और अन्य राष्ट्रवादी नेताओ की देशभक्ति की भावना ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने प्रतियोगिता और स्काउट नियमों में यह अनिवार्य किया कि शपथ में ‘देश के प्रति वफादारी”(Loyalty to the Country) को शामिल किया जाए।

इक राखी सैनिक भाई के नाम

ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 2026 का भी हुआ आयोजन

एक राखी सैनिक भाइयों के नाम’ एक देशव्यापी और लोकप्रिय भावना है, जिसके तहत देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों के सम्मान में हस्तनिर्मित राखियां, शुभकामना पत्र और पावन मिट्टी भेजी जाती है।

शिविर में गाइड एवं रेंजर बहनों के द्वारा एक राखी सैनिक भाई के नाम एवं ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 2026 के तहत हस्त निर्मित लगभग 150 राखी तैयार किया गया । जिसे देश के बॉर्डर पर तैनात सैनिक भाईयो तक पहुंचाने के लिए जिला संघ बालोद के पदाधिकारियों को सौंपा गया।

जिला संगठन आयुक्त स्काउट नेमसिंह साहू ने अपील की हैं कि जिन संस्थाओं में राखी बनाई गई है वे जल्द से जल्द जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करें, ताकि यथा समय सभी राखियां सैनिक भाइयों तक पहुंचाई जा सके।

तृतीय सोपान/ निपुण प्रशिक्षण व जांच शिविर का समापन

साथ इस ही अवसर पर विकासखंड बालोद के तृतीय सोपान/निपुण प्रशिक्षण जांच शिविर का भी समापन भी हुआ इस शिविर में कुल 124 प्रतिभागियों सहित 15 प्रभारी ने हिस्सा लिया, इस शिविर में प्रतिभागी बच्चों को प्रशिक्षक मण्डल द्वारा स्काउटिंग के आधारभूत तत्व, आंदोलन का ज्ञान, स्काउट की व्याख्या, सिद्धांत , पद्धति, विधि, बीपी की जीवनी, ईश प्रार्थना, झंडा गीत, नियम, प्रतिज्ञा, बाया हाथ मिलाना, मोटो, आदर्श वाक्य,प्राथमिक चिकित्सा, सभी सोपान की गांठ, लेसिंग, ट्रेसल, बीपी सिक्स, ध्वज शिष्टाचार, अनुमान लगाना, दिशा ज्ञान, कंपास, सीटी एवं हाथ के संकेत, मानचित्र, आदि का प्रशिक्षण दिया गया।

 कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन विकासखंड सचिव रूपेन्द्र सिन्हा ने किया।

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जिला संघ बालोद के समस्त पदाधिकारियो ने हर्ष व्यक्त किया है।

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