बालोद। बालोद जिले में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से ग्राम खम्हारटोला स्थित प्राथमिक शाला में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विज्ञान केंद्र को निरस्त करने की मांग को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। भाजयुमो जिलाध्यक्ष गुलशन साहू के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जिले में वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक बुनियादी समस्याएं मौजूद हैं। ऐसे में एक स्थान पर करोड़ों रुपये खर्च कर विज्ञान केंद्र का निर्माण करना छात्रहित और जनहित की प्राथमिकताओं के अनुरूप नहीं है।भाजयुमो पदाधिकारियों ने कहा कि जिले के अनेक सरकारी स्कूलों में आज भी भवन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, शिक्षकों सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है। ऐसे में खनिज न्यास निधि की राशि का उपयोग उन स्कूलों की आवश्यकताओं को पूरा करने में किया जाना अधिक उपयोगी होगा, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र के बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
64 प्राथमिक-मिडिल स्कूल भवनविहीन होने का दावा
ज्ञापन में भाजयुमो ने दावा किया कि बालोद जिले में करीब 64 प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल भवनविहीन हैं, जबकि लगभग 100 प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों के भवन जर्जर स्थिति में हैं। संगठन का कहना है कि ऐसे विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता है।भाजयुमो ने तर्क दिया कि 5 करोड़ रुपये की राशि यदि स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं पर खर्च की जाए तो बड़ी संख्या में प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इससे एक बड़े क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
शिक्षकों की कमी दूर करने की भी मांग
ज्ञापन में जिले के स्कूलों में शिक्षकों, व्याख्याताओं और प्राचार्यों के रिक्त पदों का भी मुद्दा उठाया गया। भाजयुमो नेताओं ने कहा कि कई विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को अपनी रुचि के विषयों का पर्याप्त अध्ययन करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। विशेषकर ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इसका अधिक प्रभाव झेलना पड़ रहा है।
संगठन ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता
सुधारने के लिए केवल भवन निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पर्याप्त संख्या में शिक्षक एवं विषय विशेषज्ञ उपलब्ध होना भी जरूरी है। ज्ञापन में दावा किया गया कि 250 से अधिक संगवारी शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा सकती है, जिससे जिले के दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के विद्यार्थियों को शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।
गर्ल्स-बॉयज टॉयलेट सहित अन्य सुविधाओं की जरूरत
भाजयुमो ने कहा कि जिले के कई विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए पर्याप्त शौचालय व्यवस्था नहीं है। विशेषकर बालिकाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में अलग एवं व्यवस्थित गर्ल्स टॉयलेट की आवश्यकता है। इसके साथ ही कई स्कूलों में अतिरिक्त कमरों, पेयजल, भवन मरम्मत सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की जरूरत बताई गई।संगठन का कहना है कि जब जिले के सैकड़ों विद्यार्थी अभी भी इन बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं, तब एक विद्यालय में 5 करोड़ रुपये की लागत से विज्ञान केंद्र स्थापित करने की प्राथमिकता पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
वनांचल के बच्चों को मिले प्राथमिकता से सुविधाए
भाजयुमो जिलाध्यक्ष गुलशन साहू ने कहा कि बालोद जिले के वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्कूल भवन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय और पर्याप्त शिक्षक जैसी सुविधाओं की ज्यादा आवश्यकता है। यदि खनिज न्यास निधि की राशि का उपयोग इन जरूरतों को पूरा करने में किया जाता है तो इसका लाभ हजारों विद्यार्थियों तक पहुंच सकता है।उन्होंने कहा कि संगठन किसी भी विकास कार्य के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय छात्रहित और जनहित को सर्वोच्च स्थान दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री से स्वीकृति निरस्त करने की मांग
भाजयुमो ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ग्राम खम्हारटोला प्राथमिक शाला में 5 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत विज्ञान केंद्र की योजना को निरस्त कर इस राशि का उपयोग जिले के भवनविहीन एवं जर्जर स्कूलों के निर्माण, अतिरिक्त कक्ष, छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय तथा शिक्षकों की कमी दूर करने में किया जाए।ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजयुमो जिलाध्यक्ष गुलशन साहू, जिला मीडिया प्रभारी अभिन्न यादव, जिला स्वाध्याय प्रमुख तेषांत देशमुख, भाजयुमो बालोद के महामंत्री कमल बजाज एवं कोषाध्यक्ष समकित सांखला सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।