Home / रायपुर / ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने पीएम एकता माल निर्माण कार्य का किया औचक निरीक्षण, मटेरियल क्वालिटी पर PMC को सख्त निर्देश।
रायपुर। राजधानी के पंडरी (रायपुर) में बन रहे बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “पीएम एकता मॉल” के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। बीते शनिवार (16 मई 2026) को ग्रामीण उद्योग विभाग के सचिव श्री राजेश सिंह राणा और हस्तशिल्प विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री जे.पी. मौर्य सहित आला अधिकारियों की टीम ने निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने काम की कछुआ चाल पर नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को हर हाल में 30 दिसंबर 2026 तक प्रोजेक्ट को पूरा करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है।
निरीक्षण में सामने आई मौजूदा स्थिति (करंट प्रोग्रेस):
बेसमेंट: बेसमेंट का काम लगभग 90% पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही बेसमेंट में आंतरिक प्लास्टर और अन्य सहायक काम समानांतर रूप से तेजी से चल रहे हैं।
ग्राउंड फ्लोर: ग्राउंड फ्लोर का स्ट्रक्चरल कार्य लगभग 50% पूरा पाया गया है।
हर 15 दिन में होगी समीक्षा, तय होगी जवाबदेही
निरीक्षण के दौरान सचिव राजेश सिंह राणा ने ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे पूरे प्रोजेक्ट का एक विस्तृत माहवार कार्य योजना (Monthly Work Plan) प्रस्तुत करें। इस पूरे कार्ययोजना की हर 15 दिन में उच्च स्तरीय समीक्षा (Review) की जाएगी, ताकि काम की समयसीमा और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो सके।
”ग्रीन बिल्डिंग” की तर्ज पर अनोखा प्रयोग: दीवारों पर भी दिखेंगे सोलर पैनल
इस मॉल को पर्यावरण के अनुकूल और हाईटेक बनाने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। भवन में सोलर ऊर्जा (Solar Energy) के अधिकतम उपयोग और ‘ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा’ को बढ़ावा देने के लिए छत के अलावा, भवन की वर्टिकल सतहों (दीवारों) पर भी अतिरिक्त सोलर पैनल स्थापित करने की व्यवहार्यता (Feasibility) जांचने को कहा गया है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो यह प्रदेश की चुनिंदा इमारतों में से एक होगी।
मटेरियल की क्वालिटी से समझौता नहीं: PMC को निर्देश
अधिकारियों ने ठेकेदार और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट (PMC) ‘ब्यूरो वेरिटास इंडिया प्रा. लि.’ को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि निर्माण में उपयोग की जाने वाली सभी सामग्रियां निर्धारित मानकों और स्वीकृत मापदंडों के अनुरूप ही होनी चाहिए। इसके साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन करने और सभी संबंधित एजेंसियों को आपस में बेहतर समन्वय (Coordination) बनाकर काम समय पर निपटाने की हिदायत दी गई है।
निरीक्षण के दौरान ये रहे उपस्थित:
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से:
श्री राजेश सिंह राणा (सचिव, ग्रामीण उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़)
श्री जे. पी. मौर्य (प्रबंध संचालक, हस्तशिल्प विकास बोर्ड)
श्री सुशील शर्मा (कार्यपालन अभियंता, रायपुर विकास प्राधिकरण)
श्री विवेक सिन्हा (सहायक अभियंता, रायपुर विकास प्राधिकरण)
श्री रवि राजे उपाध्याय एवं श्री नितिन गुप्ता (PMC – ब्यूरो वेरिटास इंडिया)
ठेकेदार एजेंसी (दीपक पाण्डेय – डी वी प्रोजेक्ट्स प्रा. लि.) की ओर से श्री करण पाण्डेय और प्रोजेक्ट मैनेजर श्री आलोक विश्वकर्मा मौजूद रहे।