रायपुर/भिलाई:
छत्तीसगढ़ की माटी के लाल और प्रख्यात पैरा-आर्मरेसलर (दिव्यांग पंजा कुश्ती खिलाड़ी) श्रीमंत झा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहरा कर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है। नॉर्वे में आयोजित ‘नॉर्वे पैरा आर्मरेसलिंग कप 2026’ में श्रीमंत झा ने अपनी ताकत और तकनीक का लोहा मनवाते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) पर कब्जा जमाया है।
64 पदकों के साथ बनाया रिकॉर्ड
श्रीमंत झा की उपलब्धियों की सूची बहुत लंबी है। इस ताजा स्वर्ण पदक के साथ ही उनके खाते में अब 64 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पदक जमा हो चुके हैं। वे वर्तमान में विश्व रैंकिंग में भी शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं और समय-समय पर दुनिया के नंबर-3 पैरा-आर्मरेसलर रह चुके हैं।
जिंदल स्टील एंड पावर (JSP) का मिला साथ
श्रीमंत झा वर्तमान में जिंदल स्टील एंड पावर (JSP) के रायपुर प्लांट में क्वालिटी एश्योरेंस विभाग में कार्यरत हैं। श्रीमंत अपनी हर सफलता का श्रेय अपने परिवार के साथ-साथ जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल को भी देते हैं, जिन्होंने एक खिलाड़ी के रूप में उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचने में निरंतर सहयोग प्रदान किया।

श्रीमंत झा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी:
श्रीमंत झा छत्तीसगढ़ के भिलाई (दुर्ग जिले) के रहने वाले हैं। वे दुनिया के नंबर 3 रैंक के पैरा-आर्मरेसलर रह चुके हैं। उनकी यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वे विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लगातार वैश्विक मंच पर तिरंगा फहरा रहे हैं।














