Sachkaaina

Home / बालोद / सेवा, सुरक्षा और संस्कार की जीवंत मिसाल: बालोद जिला विश्व हिंदू परिषद ने मानवता के लिए रचा इतिहास, अस्पताल पहुँचकर मासूम के परिजनों को सौंपी सहायता राशि

सेवा, सुरक्षा और संस्कार की जीवंत मिसाल: बालोद जिला विश्व हिंदू परिषद ने मानवता के लिए रचा इतिहास, अस्पताल पहुँचकर मासूम के परिजनों को सौंपी सहायता राशि

बालोद/रायपुर | 22 अप्रैल 2026

नर सेवा ही नारायण सेवा है” — इस ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) जिला बालोद ने एक बार फिर समाज के सामने सेवा और संवेदना का अनूठा उदाहरण पेश किया है। गंभीर रूप से घायल 4 वर्षीय मासूम बालक नादित्य पाथरे के जीवन को बचाने के लिए विहिप की पहल पर समाज के दानवीरों ने दिल खोलकर सहयो

सोशल मीडिया की अपील बनी वरदान

विहिप बालोद द्वारा शुरू किए गए इस सेवा अभियान के तहत सोशल मीडिया पर एक भावुक अपील जारी की गई थी। इस अपील का असर ऐसा हुआ कि समाज के हर वर्ग ने अपनी सामर्थ्य अनुसार योगदान दिया। देखते ही देखते ₹1,45,000 (एक लाख पैंतालीस हजार रुपये) की राशि एकत्रित हो गई।

​अस्पताल पहुंचकर सौंपी सहायता राशि

बुधवार, 22 अप्रैल को विहिप बालोद के जिला पदाधिकारियों ने रायपुर स्थित एम.आर. हॉस्पिटल पहुंचकर बच्चे के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान:

​जिला अध्यक्ष: बलराम गुप्ता

​जिला उपाध्यक्ष: अजय अग्रवाल

​कोषाध्यक्ष: राजेश सोनी

​इन पदाधिकारियों ने डॉक्टरों से बच्चे के स्वास्थ्य का हाल जाना और एकत्रित की गई राशि परिजनों को सौंपी। विहिप की इस तत्परता ने पीड़ित परिवार को न केवल आर्थिक संबल दिया, बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ाया।

राहत की खबर: तेजी से स्वस्थ हो रहा है नादित्य

अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों के अनुसार, नन्हा नादित्य उपचार के बाद अब तेजी से रिकवर कर रहा है। जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। यह खबर मिलते ही सहयोग करने वाले सैकड़ों नागरिकों और विहिप कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई।

 

​”यह अभियान केवल आर्थिक सहायता मात्र नहीं था, बल्कि समाज में सेवा और एकता की अलख जगाने का एक प्रयास था। जिस तरह से लोगों ने बिना किसी भेदभाव के मदद के लिए हाथ बढ़ाया, वह साबित करता है कि मानवता आज भी जीवित है।”

उमेश कुमार सेन, जिला सह मंत्री (विहिप)

​सहयोगियों का जताया आभार

​विहिप बालोद की पूरी टीम ने जिले के समस्त दानदाताओं और सजग नागरिकों का हृदय से आभार व्यक्त किया है। संगठन का कहना है कि जब समाज एकजुट होकर खड़ा होता है, तो बड़े से बड़ा संकट भी छोटा पड़ जाता है।

​संदेश: यह पहल समाज के लिए एक सीख है कि यदि हम एकजुट होकर जरूरतमंदों का हाथ थाम लें, तो किसी भी मासूम का भविष्य अंधकारमय नहीं हो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!