बालोद: जिला 30 जुलाई को पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का ऐसा इतिहास रचने जा रहा है, जिसकी मिसाल प्रदेश में पहली बार देखने को मिलेगी। ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ के तहत जिलेभर में महतारी वंदन योजना की 2.25 लाख से अधिक हितग्राही महिलाएं एक साथ पौधरोपण करेंगी। इस महत्वाकांक्षी अभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं। वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि इस बार अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी सवा 2 लाख पौधे वन विभाग की अपनी नर्सरियों से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पिछली बार की तुलना में इस बार पौधों की व्यवस्था पूरी तरह विभागीय स्तर पर की गई है, जिससे गुणवत्तापूर्ण पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि विभागीय वाहनों के माध्यम से जिले के सभी विकासखंडों तक पौधे पहुंचाए जा रहे हैं। वहां से पंचायतों द्वारा उन्हें संबंधित ग्राम पंचायतों में वितरित किया जा रहा है। शनिवार शाम तक जिले की 440 से अधिक ग्राम पंचायतों में लगभग दो लाख पौधों का वितरण किया जा चुका था, जबकि शेष पौधों का वितरण भी निर्धारित समय के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
15 दिन पहले से शुरू हुई तैयारी, खुदवाए गए गड्ढे-
डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने अभियान की सफलता के लिए पिछले 10 से 15 दिनों से व्यापक तैयारी शुरू कर दी थी। महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं के माध्यम से पौधरोपण के लिए पहले ही गड्ढे खुदवाए गए हैं। अब उन्हीं की निगरानी में पौधों का वितरण किया जा रहा है, ताकि 30 जुलाई को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रत्येक हितग्राही अपने पौधे का रोपण कर सके।
तेंदूपत्ता संग्राहकों और किसानों को भी जोड़ा जाएगा-
डीएफओ ने बताया कि अभियान केवल महतारी वंदन योजना तक सीमित नहीं रहेगा। जिले के जवाहरलाल नवोदय विद्यालय से वृक्षारोपण की शुरुआत भी की जा चुकी है। इसके अलावा संयुक्त वन प्रबंधन समितियों (जेएफएमसी), तेंदूपत्ता संग्राहकों, वन विभाग के कार्यालयों, डिपो तथा अन्य परिसरों में भी बड़े स्तर पर पौधरोपण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के ‘वृक्ष मित्र’ किसानों पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। इनके माध्यम से लगभग एक लाख अतिरिक्त पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही आने वाले दिनों में जेएफएमसी एवं तेंदूपत्ता सहकारी समितियों के सदस्यों को भी पौधों का वितरण किया जाएगा, ताकि जनसहभागिता के माध्यम से जिले में हरित क्षेत्र का विस्तार किया जा सके।
हरियाली के साथ जनभागीदारी का बनेगा नया मॉडल-
वन विभाग का मानना है कि यह अभियान केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। प्रशासन की मंशा है कि प्रत्येक लगाया गया पौधा भविष्य में एक सशक्त वृक्ष बने और जिले की हरित संपदा में स्थायी वृद्धि हो। 30 जुलाई को जब जिलेभर में सवा 2 लाख महिलाएं एक साथ पौधरोपण करेंगी, तब बालोद न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण और महिला जनभागीदारी का एक नया उदाहरण प्रस्तुत करेगा। प्रशासन, वन विभाग और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से यह अभियान जिले के इतिहास का सबसे बड़ा सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम बनने की ओर अग्रसर है।