नई दिल्ली। केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने मई 2014 में अपना कार्यकाल शुरू किया था। पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस, सामाजिक कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास, आर्थिक सुधारों, राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार का दावा है कि इन पहलों का उद्देश्य आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
डिजिटल गवर्नेंस और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण
सरकार ने जनधन खातों, आधार और मोबाइल कनेक्टिविटी के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया। इसके तहत विभिन्न सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया। वहीं डिजिटल इंडिया अभियान और UPI आधारित भुगतान प्रणाली के विस्तार से डिजिटल लेनदेन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाएं
*सरकार ने आवास, स्वास्थ्य, स्वच्छ ईंधन और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं पर केंद्रित कई योजनाएं लागू कीं।
* प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
* आयुष्मान भारत के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान किया गया।
* प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जरिए गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए।
* जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचाना है।
किसानों और गरीब वर्ग के लिए पहल
कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में भी कई योजनाएं लागू की गईं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया, जिसे बाद में आगे भी जारी रखा गया।
बुनियादी ढांचे और अर्थव्यवस्था पर फोकस
पिछले वर्षों में सड़क, रेल और हवाई संपर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया।
राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की गति बढ़ाने, रेलवे के आधुनिकीकरण तथा उड़ान योजना के माध्यम से छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में कार्य किया गया।
सरकार ने स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों के जरिए निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया।
प्रमुख नीतिगत और संवैधानिक फैसले
मोदी सरकार के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और नीतिगत निर्णय लिए गए।
* अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से संबंधित अनुच्छेद 370 का निरस्तीकरण लागू किया गया।
* मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 के माध्यम से तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाया गया।
* राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति अपनाने की बात कही है।
सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जुड़े कार्य
पिछले वर्षों में धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी ध्यान दिया गया।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के विकास तथा महाकाल लोक परियोजना को सरकार की प्रमुख पहलों में शामिल किया जाता है।
कोविड-19 महामारी के दौरान कदम
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया गया। देश में विकसित वैक्सीनों के उपयोग के साथ-साथ कई देशों को वैक्सीन आपूर्ति भी की गई, जिसे सरकार ने “वैक्सीन मैत्री” पहल का हिस्सा बताया।
अब तक कुल 32 देश से सर्वोच्च सम्मान,
मोदी सरकार के 12 वर्षों का कार्यकाल विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचे के विस्तार और कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के लिए चर्चा में रहा है। समर्थक इन पहलों को भारत के विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि से जोड़ते हैं, जबकि विपक्ष और कुछ विशेषज्ञ विभिन्न नीतियों के प्रभाव, क्रियान्वयन और परिणामों पर सवाल भी उठाते रहे हैं। ऐसे में सरकार के 12 वर्षों का मूल्यांकन उपलब्ध आंकड़ों, नीतिगत प्रभावों और जनहित के विभिन्न पहलुओं के आधार पर किया जाता है।